Haryana News: बेटे की हत्या पर न्याय की गुहार! शिवकुमार शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा- मंत्री के दबाव में आकर पुलिस मामले को दे रही है गलत मोड़

Haryana News: सफीदों के अस्पताल संचालक एवं गांव मुआना निवासी विकास शर्मा की हत्या के मामले में उस वक्त नया मोड आ गया जब उसके पिता एवं भाजपा के पूर्व मंडलाध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने सूबे के जेल एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा पर मामले को गलत मोड़ देने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने व उसे धमकी देने के आरोप लगाए। शिवकुमार शर्मा ने उस वक्त फूट पड़े जब पुलिस अधीक्षक जींद कुलदीप सिंह व सफीदों के डीएसपी गौरव शर्मा ने जींद में पै्रस कांफे्रस करके इस मामले को रोड रेज करार दिया। शिवकुमार ने बताया कि जब उसके बेटे की डेड बॉडी अस्पताल में पड़ी थी, उस वक्त मंत्री अरविंद शर्मा का उसके पास फोन आया।
फोन पर अरविंद शर्मा ने कहा कि आरोपी मेरे जानकार है। उसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने फोन पर इस घटना पर दुख व्यक्त किया। इसी दौरान उसने मोहनलाल बड़ौली को शिकायत की कि मंत्री अरविंद शर्मा इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए घटनाक्रम को गलत दिशा दिलवाकर आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

शिवकुमार शर्मा ने प्रश्र करते हुए कहा कि एक फॉर्च्यूनर गाड़ी व क्रेटा गाड़ी का आपस में क्या मुकाबला है। ये दोनों गाड़ियां सफीदों के भीड़ भरे बाजार से निकलकर शहर के बाहर रामपुरा रोड पर ही क्यों भीड़ी। पुलिस कह रही है कि उसने आरोपी को पकड़ लिया है, जबकि इस घटना में एक व्यक्ति नहीं कई व्यक्ति शामिल है। इस बात का खुलासा इस बात से हो रहा है कि गांव सिंघाना का हैप्पी एक वीडियो क्लीप में कह रहा है कि इस मामले में 3-4 लोग शामिल थे। हर कोई हिसाब लगा सकता है कि केवल एक व्यक्ति ही 3-4 लोगों पर अकेला कैसे हमला कर सकता है।
पुलिस ने इस मामले में घोर लापरवाही करते हुए सहीं से जांच नहीं की। उसने अपने ब्यान में आरोपियों के नाम साफ-साफ लिखवा रखें है लेकिन पुलिस ने उनसे अभी तक कोई गहनता से पूछताछ नहीं की है और ना ही उसके बेटे विकास के फोन की जांच की है। शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उसके बेटे विकास शर्मा की अंतिम क्षणों में 8 मिनट बात हुई। इस दौरान उसने बताया था कि बापू उसे अनिल व हैप्पी ने मरवाया है। ये उसे बहकाकर ले गए और उसे नशा देकर पागल कर दिया और उसके बाद इस घटना को अंजाम दिलवा दिया। उसने बताया कि इस वारदात से पहले ही उसके बेटे विकास ने आरोपियों के खाते में 10 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए थे।
विकास की पत्नी ने भी इसकी वीडिया क्लीप बनाई हुई है। उन्होंने ये सारी बातें पुलिस को बताई हुई है लेकिन पुलिस जांच को सही दिशा में ले जाने की बजाए उसे मंत्री अरविंद शर्मा के दबाव में भटकाया। शिवकुमार ने कहा कि इस वारदात में लीलावती अस्पताल संचालक को कोई चोट नहीं थी, उसने अस्पताल में आकर खुद अपने आप को ब्लेड इत्यादि मारकर चोट पहुंचाई है। जबकि हैप्पी को ख्चखेटें इसलिए लगी है क्योंकि उसके बेटे व हैप्पी की शक्ल मिलती-जुलती थी।
हमलावर एक बार में पहचान नहीं पाए और विकास के धोखे में हैप्पी को चोटें मारी। जब उन्हें पता लगा कि यह विकास नहीं है। फिर उन्होंने विकास पर चाकूओं से हमला बोलकर उसकी हत्या कर दी। शिवकुमार ने कहा कि पुलिस ने अभी तक उसे जांच में शामिल किया है। पिता शिवकुमार ने साफ किया कि अगर उसे इंसाफ नहीं मिला और इसी प्रकार उसके साथ ज्यादती होती रही तो वह अपनी पत्नी व 6 माह की पोती के साथ आत्महत्या कर लेगा और उसकी सारी जिम्मेदारी मंत्री अरविंद शर्मा व पुलिस की होगी।
शोक व्यक्त करने गांव मुआना पहुंचे थे मंत्री डा. अरविंद शर्मा
गौरतलब है कि विकास शर्मा की हत्म्या के मामले में सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा गांव मुआना में शोक व्यक्त करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि डा. विकास के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। ऐसे घृणित अपराध के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की सरकार किसी भी प्रकार के अपराधी को नहीं बख्सेगी।